बौखलाए हुए ईरान के लिए कोई मायने नहीं रखते युद्ध विराम,दाग दी मिसाइल ? इजराइल – UAE में बज उठे सायरन ….

एजेंसी । एक और अमेरिका ने की घोषणा कि है तो दूसरी पश्चिम एशिया में मिसाइल हमलों के खतरे के सायरन बज रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच एक बार फिर हालात चिंताजनक हो गए हैं।

इजराइल और United Arab Emirates (UAE) में बुधवार तड़के मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब और अमेरिका ने हाल ही में दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है। हालांकि शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इन मिसाइल अलर्ट का निशाना क्या था या किस स्थान को लक्ष्य बनाया गया था। युद्ध के दौरान इजराइल और यूएई दोनों ही देश मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुख्य केंद्र रहे हैं, इसलिए किसी भी नए अलर्ट को गंभीरता से देखा जा रहा है।

👉युद्धविराम पर सवाल

जानकारों का कहना है कि पूरे संघर्ष के दौरान ईरान की अर्धसैनिक इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने सैन्य फैसलों में प्रमुख भूमिका निभाई है। कई मामलों में स्थानीय कमांडरों ने खुद तय किया कि किस लक्ष्य पर और कब हमला करना है, जबकि राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका सीमित दिखाई दी। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि क्या सभी सैन्य इकाइयां घोषित युद्धविराम का पूरी तरह पालन करेंगी या नहीं। खासकर तब, जब दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होने की संभावना जताई जा रही है।

👉अमेरिका ने रोक दिया हमला

AP की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया है कि उसने ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए हैं। हालांकि उनका डिफेंस जारी रहेगा।

👉अंतिम समय में हमले करना आम रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व के कई युद्धों में यह देखा गया है कि युद्धविराम लागू होने से ठीक पहले या उसके तुरंत बाद अंतिम समय के हमले किए जाते हैं। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर अपनी जीत का दावा करना और जनता के सामने मजबूत संदेश देना होता है।