इस्लामाबाद/तेहरान। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद ईरान की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी पक्ष ने कहा है कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान अत्यधिक और कठोर शर्तें रखीं, जिन पर सहमति बन पाना संभव नहीं था।

ईरान ने संकेत दिया कि वार्ता में कुछ मुद्दों पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन अमेरिकी रुख काफी सख्त रहा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका की मांगें संतुलित नहीं थीं, जिसकी वजह से किसी समझौते तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
इस बयान से साफ है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं। जहां एक ओर अमेरिका अपने रुख पर कायम है, वहीं ईरान भी अपनी शर्तों से पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में फिलहाल किसी डील की संभावना अनिश्चित बनी हुई है।
👉 पाकिस्तान ने दिया दगा, सऊदी अरब में तैनात किए फाइटर जेट
अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता फेल होने के बाद पाकिस्तान ने एक अहम सैन्य कदम उठाया है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच सितंबर 2025 में हुए रक्षा समझौते के तहत की गई है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहयोगी विमान शनिवार को सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंचे। इस समझौते के तहत यह प्रावधान है कि यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।
