👉CM साय ने मृतकों के परिजनों को 5 -5 लाख और घायलों को 50 -50 हजार की घोषणा की
सक्ती । सक्ती जिले के डभरा तहसील के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में मंगलवार को बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है। वहीं लगभग 34 श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्लांट यूनिट -1 में बॉयलर के स्टीम पाईप खराबी होने से यह दुर्घटना हुई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। वेदांता प्रबंधन द्वारा हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार और वेदांता ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजा राशि का एलान किया है। जानकारी के मुताबिक, वेदांता प्रबंधन द्वारा हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सक्ती जिले के डभरा तहसील के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में गंभीर हादसा हो गया। हादसे में 5 श्रमिकों की मौके पर मौत होना बताया गया जिसके बाद बुधवार दोपहर तक मौत का आंकड़ा बढ़कर 17 हो गया है।

वहीं अन्य गंभीर श्रमिकों का इलाज जारी है। दुर्घटना में श्रमिकों की मृत्यु एवं घायल होने की घटना की जांच हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए दण्डाधिकारी जांच करने का आदेश दे दिया है तथा जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा विनय कुमार कश्यप को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
👉पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की मदद का किया एलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख
👉SDM जांच के आदेश, 30 दिनों के भीतर इन बिंदुओं पर देना होगा जांच प्रतिवेदन

- जांच में यह परीक्षण किया जाएगा कि घटना कब और कैसे घटित हुई।
- घटना दिनांक को घटना स्थल पर कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे तथा किन-किन मजदूरों की मृत्यु एवं कौन-कौन घायल हुए।
- साथ ही उन परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाएगा जिनके फलस्वरूप यह घटना घटित हुई।
- सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला जांजगीर चांपा व सक्ती द्वारा उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर घटना दिनांक तक किए गए निरीक्षणों की भी समीक्षा की जाएगी तथा यह देखा जाएगा कि निरीक्षण के दौरान कोई खामियां पाई गई थीं या नहीं, और यदि पाई गई थीं तो उन पर क्या कार्यवाही की गई।
- इसके अतिरिक्त घटना के कारणों का निर्धारण करते हुए यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या मानवीय त्रुटि के कारण। साथ ही यह भी निर्धारित किया जाएगा कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं। जांचकर्ता अधिकारी को यह आदेशित किया गया है कि वे 30 दिनों के भीतर जांच पूर्ण कर अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
👉घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी: मंत्री लखनलाल देवांगन
मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन की तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभकरने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को हो।

निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम कानून प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न के अंतर्गत सख्त से सख्त कारवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के घटना की पुनरावृत्ति न हो।
👉मुख्यमंत्री साय ने जताया शोक
, मृतकों के परिजन को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता राशि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सोर्स -प्रखर समाचार
