कोरबा/पसान। वन पट्टा ऑनलाइन करने व फौती नामांतरण के नाम पर 5 से 10 हजार की खुलेआम रिश्वत मांगना पटवारी विनोद अग्रवाल को मंहगा पड़ गया । एसडीएम ने सोशल मीडिया में वायरल वीडियो पर सख्त रुख अपनाते हुए पटवारी विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई से महकमे में हड़कम्प मचा है।


मामला हल्का नंबर 10 सिर्री-पिपरिया में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल से जुड़ा है । जो
वायरल VIDEO में पटवारी ग्रामीणों और किसानों से कथित रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहे थे। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि वन पट्टा ऑनलाइन करने के नाम पर ₹5 हजार तथा फौती नामांतरण के लिए ₹10 हजार तक की कथित वसूली की जा रही थी।
प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन के आधार पर पटवारी विनोद अग्रवाल का निलंबन आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में संबंधित पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है।
एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने स्पष्ट कहा है कि राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और इस प्रकार की कार्यशैली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा कथित वसूली से जुड़े अन्य प्रकरणों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
