अहमदाबाद/सूरत: गुजरात का सूरत दुनियाभर में साड़ियों के व्यापार और डायमंड की चमक के लिए जाना जाता है लेकिन शहर में घरेलू झगड़े के मामले में पति ने इच्छामृत्यु मांग कर हैरान कर दिया है।
पति का आरोप है कि पत्नी अक्सर घरेलू झगड़ों के बाद उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज करके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों का गलत इस्तेमाल करती है। इतना ही नहीं वह कथित तौर पर झगड़े भड़काती है और बाद में पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करती है, जिसके परिणामस्वरूप उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है। अपनी पत्नी और उसके रिश्तेदारों द्वारा लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए, इच्छा-मृत्यु की मांग की है।इस मामले में सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
👉पति ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन

सूरत के रहने वाले किरीट पटेल ने जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। इसमें उसने आरोप लगाया है कि लंबे समय से चल रहे कानूनी विवादों और निजी परेशानियों के कारण उसके पास अपनी जान लेने की इजाजत मांगने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। पटेल का आरोप है कि मौजूदा पत्नी ने पिछले विवाह से हुए बेटे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। पुलिस से संपर्क करने के बावजूद, इस शिकायत के संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं की गई। पटेल ने कहा कि उसने अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया था कि वे इस मामले की जांच करें और उचित कार्रवाई करें, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
👉दोनों की है तीसरी शादी
पति के इच्छामृत्यु मांगने के साथ यह मामले जोड़े का शादी को लेकर भी चर्चा में आय गया है। पटेल और उनकी पत्नी दोनों की ही तीसरी शादी है। पटेल ने मौजूदा पत्नी की तुलना लुटेरी दुल्हन से की है। आरोप लगाया कि पत्नी ने अपने पिछले पतियों से भी पैसे ऐंठे थे। हालांकि ये आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। पटेल के अनुसार, उनकी मौजूदा शादी 14 नवंबर, 2024 को हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी, सास और अन्य रिश्तेदारों ने बार-बार उन पर पैसों के लिए दबाव डाल रहे हैं।
👉सुसाइड की धमकी भी दी
किरीट पटेल ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि एक तय समय-सीमा के भीतर उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो वह कोई ‘अतिवादी कदम’ उठा सकते हैं। अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों या इच्छामृत्यु की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पति के पत्नी से परेशान होकर इच्छामृत्यु मांगने के मामले को लेकर बहस छिड़ी है। पति की मांग पर अभी तक सूरत जिला प्रशासन ने कोई बयान साझा नहीं किया है।
