KORBA : श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, सेवा और संस्कारों का मार्ग दिखाती है : जयसिंह अग्रवाल

कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सीतामणी, कोरबा निवासी पत्रकार विकास कर्ष एवं कर्ष परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पावन अवसर पर आयोजित हवन, पूजन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के साथ सहभागिता कर भगवान श्रीहरि से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति एवं खुशहाली की मंगलकामना की।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का दिव्य माध्यम है। भागवत कथा हमें सत्य, करुणा, सेवा, प्रेम, त्याग, सदाचार और लोकमंगल का संदेश देती है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी एवं भागदौड़ भरे जीवन में समाज को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है। श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति के अंतर्मन को निर्मल बनाकर समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करती है। जब समाज में धर्म, संस्कार और नैतिकता सुदृढ़ होती है, तभी एक स्वस्थ, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
श्री अग्रवाल ने कर्ष परिवार द्वारा आयोजित इस पुण्य एवं लोककल्याणकारी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और जीवन मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन की सफलता हेतु कर्ष परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए भगवान श्रीकृष्ण से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री के साथ प्रेम मित्तल, राकेश चौहान, टेक राम श्रीवास, सत्य प्रकाश साहू, अमन सिंह ठाकुर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।