CG : परीक्षा से पहले whatsapp पर पहुंचा पेपर! इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालयमें पेपर लीक से मचा हड़कम्प ,साइबर सेल पहुंची शिकायत …

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कॉलेजों में चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच द्वितीय वर्ष एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही WhatsApp पर कुछ छात्रों तक पहुंच गया।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों ने विरोध जताते हुए परीक्षा प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटोमोलॉजी की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है।

👉परीक्षा से पहले WhatsApp पर पहुंचा पेपर

जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय के अंतर्गत 35 से अधिक कॉलेजों में सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। गुरुवार सुबह 10 बजे द्वितीय वर्ष एंटोमोलॉजी का पेपर होना था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र के WhatsApp पर कुछ छात्रों के बीच पहुंचने की जानकारी सामने आई। जब अन्य छात्रों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने मामले पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन से जांच की मांग की।

👉छात्रों ने जांच की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

पेपर वायरल होने की जानकारी के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। छात्रों की मांग है कि परीक्षा की गोपनीयता भंग होने के मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि प्रश्नपत्र आखिर परीक्षा से पहले किस माध्यम से बाहर आया।

विश्वविद्यालय ने परीक्षा की रद्द
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटोमोलॉजी की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है। अब इस परीक्षा के लिए नई तारीख घोषित किए जाने की संभावना है। नई परीक्षा की तारीख को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से आधिकारिक सूचना का इंतजार है।

साइबर सेल तक पहुंचेगा मामला
विश्वविद्यालय की ओर से मामले की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किसके पास पहुंचा और इसे WhatsApp पर किसने वायरल किया।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक कैसे हुआ और इसमें विश्वविद्यालय या परीक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

👉जांच के बाद खुलेगा पेपर लीक का राज

फिलहाल पेपर वायरल होने के मामले ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल परीक्षा रद्द कर जांच की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।