कोरबा। एसईसीएल से प्रभावित भिलाई बाजार के भू-विस्थापितों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति (डीआरआरसी) की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और व्यवस्थापन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन पुनर्वास स्थल को लेकर ग्रामीणों और एसईसीएल के बीच सहमति नहीं बन सकी।

भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार भाव के अनुसार तय करने, प्रभावित परिवारों को स्थायी नौकरी में प्राथमिकता देने तथा वैकल्पिक रोजगार और उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराने की मांग रखी। कटऑफ से कम रकबा वाले परिवारों को मानवीय आधार पर रोजगार देने और ठेका कंपनियों में कार्यरत प्रभावितों को एचपीसी रेट के अनुसार भुगतान की मांग भी उठी।
बैठक में पुनर्वास के लिए एसईसीएल द्वारा चिन्हित बिरदा स्थल पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। ग्रामीणों के अनुसार वहां चट्टान, पत्थर, मिट्टी और पानी की समस्याएं हैं। उन्होंने प्रभावितों की सहमति से तीन माह के भीतर नया उपयुक्त पुनर्वास स्थल चयनित करने की मांग की। बसाहट राशि 11 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने तथा लंबे समय से निवासरत भूमिहीन परिवारों को भी पुनर्वास का लाभ देने की मांग रखी गई। मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि बैठक के बाद ग्रामीण असंतुष्ट नजर आए। उनका कहना है कि प्रमुख मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं निकला। मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
