बिलासपुर । बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं का गुस्सा आज उस वक्त खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। छात्रों ने प्राचार्य और कुछ शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर नारेबाजी भी की। छात्रों ने अधिक फीस वसूली, स्कूल की व्यवस्थाओं और कथित दुर्व्यवहार को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाये है। वहीं छात्रों की इस शिकायत के बाद डीईओं ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया है।

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला नगर पंचायत मल्हार के हायर सेकेंडरी विद्यालय का है। स्कूल में व्याप्त अव्यवस्था और शिक्षकों के कथित अभद्र व्यवहार से परेशान होकर आज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हल्ला बोल दिया और सीधे मामले की शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गये। इस बात की जानकारी लगते ही आनन फानन में डीईओं संदीप पांडेय के साथ ही दूसरे अफसर मौके पर पहुंचे। छात्रों का काफी समझाईश का प्रयास भी किया गया, लेकिन छात्र-छात्राएं अपनी मांगो पर डटे रहे। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई के माहौल और मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से समस्याएं हैं।
विद्यार्थियों ने प्राचार्य और कुछ शिक्षकों पर कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। छात्रों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान छात्रों की नाराजगी नारेबाजी में भी दिखाई दी। प्राचार्य के खिलाफ छात्रों ने आपत्तिजनक नारा लगाया—“हमारा प्रिंसिपल कैसा है… पागल कुत्ते जैसा है।” यह नारा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विद्यार्थियों के आक्रोश को दिखाता है,जिसका वीडियों सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है।
👉फीस से लेकर स्कूल की व्यवस्था तक सवाल
विद्यार्थियों ने स्कूल में फीस वसूली को लेकर भी शिकायत की है। छात्रों ने आरोप लगाया कि 650 रूपये स्कूल की फीस तय होने के बाद भी अनाधिकृत तौर पर 1250 रूपये की वसूली की जा रही है। छात्रों की शिकायतों में केवल फीस ही नहीं, बल्कि स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षकों के व्यवहार और पढ़ाई के वातावरण से जुड़े मुद्दे भी सामने आए हैं। एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में विद्यार्थियों ने रेडक्रॉस सामग्री उपलब्ध नहीं होने, शिक्षकों के कथित दुर्व्यवहार और शिकायत करने पर दबाव बनाए जाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने और 3 अक्टूबर को स्वयं स्कूल का निरीक्षण करने की बात कही है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए फीस, दुर्व्यवहार, स्कूल की सुविधाओं और शिक्षकों से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
