दिल्ली । चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कांग्रेस की अगुवाई में एक विशाल मेगा रैली आयोजित की गई। इस महारैली के माध्यम से विपक्षी दलों ने चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर बड़े सवाल उठाते हुए सत्तापक्ष पर सीधा हमला बोला।
रामलीला मैदान में विपक्ष के इस विशाल शक्ति प्रदर्शन ने देश के राजनीतिक घटनाक्रम में अचानक से भारी उछाल ला दिया है। चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ विपक्ष के इस आक्रामक तेवर ने सत्ता के गलियारों में सियासी सरगर्मी और तपिश को कई गुना बढ़ा दिया है।
👉मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू हुआ मार्च

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित चुनावी गड़बड़ियों (SIR) के विरोध में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन ने रविवार, 1 नवंबर को दिल्ली में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से एक विशाल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन के तहत रामलीला मैदान में आयोजित विशाल महारैली में देश भर से हजारों विपक्षी समर्थक और कार्यकर्ता पहुंचे। रैली का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने किया।
👉नेताओं के साथ समर्थकों ने बड़ी संख्या में लिया हिस्सा
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली और मार्च को लेकर 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई गई थी, जबकि पुलिस अनुमान के अनुसार भीड़ 50,000 के करीब रही। नेताओं के साथ-साथ छात्र समूहों, नागरिक समाज संगठनों, श्रमिक संघों, महिलाओं और युवाओं ने भी इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
👉कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुनने के लिए उत्सुक दिखे लोग

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुनने के लिए उत्सुक दिखे लोग
रामलीला मैदान में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर देश की आत्मा व संविधान पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद लगभग 13.5 करोड़ (15%) मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिसे उन्होंने “देशद्रोह” करार दिया।
👉केंद्र सरकार और बीजेपी शासित राज्यों सरकारों पर साधा निशाना
केंद्र सरकार और बीजेपी शासित राज्यों सरकारों पर साधा निशाना
दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोट चोरी’ विरोधी महारैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र, यूपी, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों को ‘चोरी की सरकार’ करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी जी खुद को ही चुनते हैं, उन्हें जनता नहीं चुनती है और उनके सत्ता से बाहर होने पर ही देश का लोकतंत्र सुरक्षित रह सकता है।
👉INDIA गठबंधन के नेताओं को साथ सैंकड़ों लोगों का मिला साथ

INDIA गठबंधन के नेताओं को साथ सैंकड़ों लोगों का मिला साथ
मोदी सरकार, चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विवादास्पद विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की निंदा करने वाले झंडों, बैनरों और तख्तियों का एक विशाल समूह धीमी गति से चल रहे जुलूस के साथ-साथ चल रहा था। रामलीला मैदान हजारों इंडिया ब्लॉक समर्थकों से भर गया था, जिनमें युवा और छात्र समूह भी शामिल थे। पार्टी कार्यकर्ता कई राज्यों से राजधानी पहुंचे थे, जिनमें से कई रविवार सुबह ही आ गए थे और कई एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे।
👉सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी आए नजर

‘इंडिया’ गठबंधन की महारैली को ‘लोकतंत्र की हल्दीघाटी’ करार देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अमित शाह के ‘अंगद के पैर’ वाले बयान पर तंज कसा कि जब जनाधार की जमीन ही खिसक चुकी है, तो पैर कहां टिकेगा। उन्होंने यूपी में 1.27 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अपनी हार सामने देख भाजपा अब चुनाव आयोग के सहारे मतदाता सूची में हेराफेरी का खेल खेल रही है।
👉मंच पर साथ दिखीं ममत बनर्जी और सोनिया गांधी

महारैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का एक नया और बदला हुआ राजनीतिक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत “मेरी नेता सोनिया जी को मेरा नमस्ते” कहकर की और राहुल गांधी को ‘लड़ाई लड़ रहे युवा नेता’ के रूप में संबोधित किया। मंच पर सोनिया गांधी के साथ उनकी नजदीकी और लंबे समय तक प्रतिद्वंद्वी रही माकपा के नेता एम ए बेबी का नाम लेना विपक्षी गठबंधन के भीतर बदलते सियासी समीकरणों को दर्शाता है।
👉विपक्षी दलों में दिखाई दी एकजुटता

रामलीला मैदान से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राजद नेता तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले समेत विभिन्न विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता मंच पर दिखाई दिए
