रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े करीब 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सीबीआई ने कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित करा लिया है। सीबीआई की विशेष टीम उसे भारत लेकर पहुंची है। अब सोमवार, 2 नवंबर को उसे रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
👉इंटरपोल नोटिस के बाद ओमान में पकड़ा गया था सौरभ

सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। इसी आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजे। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई की विशेष टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत वापस लेकर आई।
👉सीबीआई के 2 और ईडी का एक मामला दर्ज
सीबीआई की ओर से जारी प्रेसनोट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ सीबीआई के दो मामले दर्ज हैं, जिनमें पहले ही आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ईडी का एक मामला भी दर्ज है, जिसमें अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है। आरोपी को चिकित्सकीय जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायपुर लाया जाएगा।
👉देशभर में फैला था ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क
सीबीआई की जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था। इसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। गिरोह कथित तौर पर देशभर में फैले फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेल और अन्य आयोजनों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाता था। इन नेटवर्क के जरिए उपयोगकर्ताओं को जोड़ा जाता था और उनसे दांव की रकम वसूली जाती थी।
👉फर्जी बैंक खातों और हवाला के जरिए भेजी जाती थी रकम
जांच एजेंसी के मुताबिक, अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खातों के जरिए कई लेन-देन में छिपाया जाता था। इसके बाद हवाला चैनलों के माध्यम से धन विदेश भेजे जाने की बात सामने आई। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि गिरोह की गतिविधियों को बिना बाधा जारी रखने के लिए सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा राशि दिए जाने में भी रकम का इस्तेमाल किया गया।
👉ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का सहयोग
सीबीआई ने अपने बयान में ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस के सहयोग के लिए आभार जताया है। एजेंसी के अनुसार, भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों और इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के समन्वय से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई। सीबीआई ने इसे विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले भगोड़ों को भारत लाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
👉2 नवंबर को रायपुर की विशेष अदालत में पेशी
सौरभ चंद्राकर को सोमवार को रायपुर स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा। महादेव ऐप मामले में उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी को जांच की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
