यमुना में प्रवाहित हो रहा जहरीला झागदार पानी, दिल्ली सरकार फिर सवालों के घेरे में

यमुना में प्रवाहित हो रहा जहरीला झागदार पानी, दिल्ली सरकार फिर सवालों के घेरे में

दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार के बड़े दावे कर चुकी हैं।इस दौरान राजधानी दिल्ली में जितनी भी सरकारें बनी सबने ही बड़े बड़े वादे किए। वहीं, सीएम अरविंद केजरीवाल भी नदी की सफाई को लेकर कई बार वादे कर चुके हैं। मगर, यमुना की हालत वैसी की वैसी ही बनी हुई है। अब तक उसमें फिलहाल कोई सुधार नहीं हुआ है।

जहां पर यमुना के पानी पर जमी सफेद चादर ऐसी लगती है जैसे बर्फ जमी हो लेकिन ये बर्फ की चादर नहीं बल्कि सफेद झाग है।जोकि फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी से बनता है।सीएम अरविंद केजरीवाल कई बार यमुना की सफाई को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर बड़े वादे कर चुके हैं, लेकिन अभी तक यमुना का पानी जहरीला और गंदा बना हुआ है। ऐसे में यमुना का पानी इतना गंदा हो चुका है कि इस्तेमाल करना तो दूर उसके पास खड़े रहना में भी बहुत परेशानी होती हैं।इस दौरान नदी के किसी भी छोर में जहां तक नज़र डालो जहरीला काला पानी ही नज़र आएगा। ये वही यमुना नदी है जो पूरे दिल्ली में पानी की सप्लाई कर दिल्ली वासियों की प्यास को बुझाती है।

हर दिन यमुना नदी हो रही प्रदूषित

बता दें कि यमुना नदी का ये हाल नालों, सीवर और फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी के कारण है। क्योंकि इनका पानी सीधे यमुना में मिलता है।हालांकि कोरोना लॉकडाउन के दौरान यमुना नदी का पानी काफी साफ हो गया था। मगर एक बार फिर से फैक्टरी और कारखानों के खुलने के बाद यमुना का हाल फिर जैसा का तैसा हो गया है। इस दौरान नदी की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रूपए यमुना के पानी को साफ करने पर खर्च किए जाते हैं। जहां सरकार द्वारा नई -नई पॉलिसी बनाई जाती हैं मगर यमुना के हालात आज भी काफी प्रदूषित हैं।

सीएम केजरीवाल ने दावा किया 2025 तक साफ हो जाएगी यमुना

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में बेहद प्रदूषित यमुना नदी को साफ करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना क्लीनिंग सेल का गठन किया है। यह सेल सबंधित विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों पर नजर रखेगा। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को इस सेल का अध्यक्ष बनाया है और इसमें सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि सदस्य शामिल होंगे।बता दें कि फरवरी 2025 तक यमुना नदी को पूरी तरह साफ कर लेने का लक्ष्य रखा गया है और इसकी जिम्मेदारी सेल के पास ही होगी।

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