“आप ” को खत्म करने के लिए आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था शराब घोटाला -केजरीवाल , कोर्ट से तथाकथित शराब घोटाले में आरोपमुक्त होने के बाद पूर्व CM का पलटवार …

दिल्ली। तथाकथित शराब घोटाले में सभी आरोपियों को आरोप मुक्त किए जाने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी और अमित शाह पर तीखे हमले किए. उन्होंने कहा कि शराब घोटाला, आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था.

मैंने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है और आज कोर्ट ने भी कह दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की सत्ता पाने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह ने राजनीतिक षड्यंत्र रचा. उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने केस चलाने योग्य भी नहीं माना. मोदी जी को पता है कि जनता केजरीवाल को कट्टर ईमानदार मानती है. इसलिए उन्होंने मेरी ईमानदारी पर चोट की.

शुक्रवार को ”आप” मुख्यालय पर पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज व पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक के साथ प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने पिछले चार साल से ‘शराब घोटाला’ शब्द का भारतीय राजनीति में खूब इस्तेमाल किया है. सभी जान रहे हैं कि किस तरह से पिछले चार साल से ईडी, सीबीआई और सारी संस्थाओं का इस्तेमाल करके हमारे ऊपर शराब घोटाले नाम का एक आरोप लगाया गया. सीबीआई और ईडी ने उसमें चार्जशीट फाइल की. आज कोर्ट को प्रथम दृष्टया यह निर्णय लेना था कि क्या सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर इतनी पर्याप्त सामग्री है कि इसमें मुकदमा चलाया जाए. अभी मुकदमा चला नहीं था.

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोर्ट ने लगभग 600 पन्नों के आदेश में सारे सबूतों और सारे गवाहों को मद्देनजर रखते हुए यह कहा है कि केस में इतना भी सबूत और गवाहों के बयान नहीं हैं कि इसमें मुकदमा तक चलाया जा सके. अगर मुकदमा चलाया जाता, 15-20 साल मुकदमा चलता, उसमें बहुत सारे गवाह बुलाए जाते, सबूत रखे जाते, उसके बाद जो होता, वह तो अलग बात है. कोर्ट का यह कहना है कि यह इतना टुच्चा, फर्जी, बेकार और गलत केस है कि इसमें मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता. यह कोर्ट की भाषा है. यह आर्डर एक ऐतिहासिक आर्डर है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर रचा. आज उन दोनों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. उन दोनों ने मिलकर षड्यंत्र रचा कि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जाए, आम आदमी पार्टी को बर्बाद किया जाए. उस षड्यंत्र के तहत उन लोगों ने आजाद भारत का सबसे बड़ा और सबसे घिनौना षड्यंत्र रचा. वे जान रहे थे कि भाजपा दिल्ली में आम आदमी पार्टी को नहीं हरा सकती. मोदी जी को पता था कि दिल्ली की जनता “आप” के कामों से बहुत खुश है. वे देख रहे थे कि दिल्ली में कामों की राजनीति के आधार पर वे कहीं खड़े नहीं होते. इसलिए उन्होंने यह षड्यंत्र रचा.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता जानती है कि केजरीवाल ईमानदार है. इसलिए मोदी-शाह ने सोचा कि केजरीवाल की ईमानदारी पर चोट करो. जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी ईमानदार है. इसलिए इन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की ईमानदारी पर चोट करो. इन्होंने आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए षड्यंत्र रचा और बोले कि केजरीवाल बेईमान है. इन्होंने झूठ फैलाया कि केजरीवाल ने शराब घोटाला किया, केजरीवाल पैसे खा गया, केजरीवाल ने 100 करोड़ खा लिए.

l👉मैंने अपने जीवन में पैसा नहीं, केवल ईमानदारी कमाई- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मैंने जिंदगी में केवल ईमानदारी और इज्जत कमाई है. अपनी जिंदगी में एक नया पैसा नहीं कमाया है. मैं इन लोगों की तरह नहीं हूं. मैंने जिंदगी में एक नया पैसा नहीं कमाया, केवल ईमानदारी कमाई है और ये लोग उसी ईमानदारी के ऊपर चोट करना चाहते थे. उसके लिए इन्होंने षड्यंत्र रचा था. आज कोर्ट के आर्डर के बाद यह देश के सामने साबित हो गया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक सहित पूरी आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है. यह हम लोग नहीं कह रहे हैं, बल्कि कोर्ट ने सारे देश के सामने यह बोला है.

👉अब मोदी जी से केजरीवाल संभलने वाला नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने हमारे ऊपर इतने केस कर लिए, हमारे पीछे ईडी, सीबीआई, पुलिस और आयकर विभाग छोड़ दिया. मोदी जी ने आम आदमी पार्टी के पांच सबसे बड़े नेताओं को जेल भेज दिया. एक समय ऐसा था, जब आम आदमी पार्टी के सबसे टॉप के पांच नेता एक साथ जेल में थे. फिर भी मोदी जी केजरीवाल का कुछ नहीं बिगाड़ सके. अब तो मोदी जी के पास केजरीवाल से निपटने का एक ही तरीका बचा है कि उन्हें केजरीवाल का कत्ल करवाना पड़ेगा. केजरीवाल की हत्या करवानी पड़ेगी. इसके अलावा अब केजरीवाल उनसे संभलने वाला नहीं है. अब यह उनके बस का नहीं है. उन्होंने सब कुछ करके देख लिया है, अब उन्हें केजरीवाल का कत्ल ही करवाना पड़ेगा.

👉केजरीवाल को खत्म करने के लिए मोदी जी को काम करना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक और तरीका है, लेकिन वह मोदी जी के बस का नहीं है. मैंने दिल्ली में 500 स्कूल बनवाए, मोदी जी 5000 स्कूल बनवाएं. मैंने दिल्ली की सड़कें अच्छी कीं, मोदी जी पूरे देश की सड़कें ठीक कर दें. फिर देखिए केजरीवाल को कोई पूछेगा ही नहीं. मैंने सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक बनाए, मोदी जी 20 हजार मोहल्ला क्लीनिक बनाकर दिखाएं. मोदी जी तो देश के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें अच्छे काम करने चाहिए. लेकिन वह उनसे नहीं होता है.

👉मोदी-शाह की सत्ता की हवस में हमारे परिवार झुलसे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से आगे कहा कि यह केवल मोदी जी और अमित शाह की सत्ता की हवस है. यह उसी का नतीजा है कि यह षड्यंत्र रचा गया. मैं बहुत छोटा हूं, हमारे परिवार ने बहुत कुछ भुगता है. मैं जेल गया. मेरी मां बहुत ज्यादा बीमार रहती हैं, उन्हें अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा और मेरी मां बहुत रोईं. मनीष सिसोदिया की पत्नी को मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी है. जब सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा था, तब जस्टिस संजीव खन्ना ने भी कहा था कि यह बहुत गंभीर बीमारी है. उनके शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता और धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती जा रही है.

👉एक साल में भाजपा सरकार ने दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमारे परिवारों ने बहुत भुगता है, लेकिन वह महत्वपूर्ण नहीं है. हम लोग महत्वपूर्ण नहीं हैं और हमारा परिवार भी महत्वपूर्ण नहीं है. लेकिन मोदी जी और अमित शाह जी के षड्यंत्र का खामियाजा जो दिल्ली भुगत रही है, दिल्ली के 3 करोड़ लोग भुगत रहे हैं, उसकी भरपाई कौन करेगा? आज दिल्ली में कहीं चले जाएं, सारी सड़कें टूटी पड़ी हैं. अस्पतालों में दवाइयां मिलनी बंद हो गई हैं और मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं. स्कूलों का बुरा हाल हो रहा है. पूरी दिल्ली में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है, जितना दिल्ली की जनता ने कभी नहीं देखा था. यमुना का बहुत बुरा हाल हो गया है. उन्होंने भाजपा से एक ऐसी चीज बताने को कहा जो उन्होंने दिल्ली में ठीक की हो. एक साल में भाजपा की सरकार ने पूरी दिल्ली का बेड़ा गर्क कर दिया है.

👉इस षड़यंत्र का खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी की सत्ता की हवस का सबसे बड़ा खामियाजा दिल्ली के 3 करोड़ लोगों ने भुगता है. दिल्ली के लोगों से जाकर पूछिए. उन्होंने मोदी जी को चुनौती दी कि अगर मोदी जी में हिम्मत है, तो वे दिल्ली में दोबारा चुनाव करा के दिखा दें. अगर भाजपा की 10 से ज्यादा सीटें आ जाएं, तो केजरीवाल राजनीति छोड़ देगा. दिल्ली की जनता भाजपा के लोगों से त्रस्त हो चुकी है.

👉जनता ने मोदी जी को देश संभालने की जिम्मेदारी दी लेकिन केजरीवाल में उलझ गए- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि अगर उन्हें सत्ता हासिल करनी है, तो कुछ सकारात्मक काम करके सत्ता हासिल करें. आज देश के सामने बहुत बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं. आज देश का युवा, व्यापारी और उद्योगपति दुखी है. आज अमेरिका भारत को आंखें दिखा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिम्मत नहीं है कि वे डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक शब्द भी बोल सकें. ट्रंप रोज प्रधानमंत्री और भारत को गालियां देता है, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री भीगी बिल्ली बने हुए हैं. मोदी जी, देश संभालिए न. जनता ने उनको देश चलाने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन वे अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी में उलझ कर रह गए. सकारात्मक काम करके सत्ता हासिल कीजिए और ये नकारात्मक काम करना बंद कर दीजिए.

👉मैं नेता नहीं हूं, बेइमान कहने पर मुझे फर्क पड़ता है, इसलिए निर्दोष साबित होने तक चुप था- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने इस बात का भी जवाब दिया कि कई लोग यह कहते हैं कि जेल से आने के बाद केजरीवाल चुप क्यों हो गया? केजरीवाल गायब क्यों हो गया? केजरीवाल कहां गया? उन्होंने कहा कि मैं कोई राजनेता नहीं हूं. राजनेताओं को फर्क नहीं पड़ता, उन्हें चार गाली दे दो, उनकी चमड़ी मोटी होती है. लेकिन मैंने अपनी जिंदगी में केवल ईमानदारी कमाई है. मुझे जब कोई बेईमान बोलता है, तो मुझे फर्क पड़ता है. मुझे जब जेल भेजा जाता है और मेरे परिवार के ऊपर ताने मारे जाते हैं, तो मुझे फर्क पड़ता है. केजरीवाल को फर्क पड़ता है. इसीलिए मैंने तय किया था कि जब तक मैं सारे देश के सामने निर्दाेष साबित नहीं हो जाऊंगा, तब तक मैं चुप रहूंगा. आज मेरे दिल से बहुत बड़ा बोझ उतर गया है.

👉मुश्किल वक्त में साथ देने वाले वकीलों समेत देश की जनता का धन्यवाद- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि न्यायालय और न्याय प्रणाली का यह बहुत ऐतिहासिक फैसला है. इसके लिए मैं न्यायपालिका और जज साहब का धन्यवाद करता हूं. आज के इस माहौल में जब सारी संस्थाओं को डराया-धमकाया जा रहा है. ऐसे में इतना बड़ा न्याय करने के लिए जज साहब ने वाकई बहुत हिम्मत दिखाई है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने “आप” का साथ दिया और कोर्ट में लड़ाई लड़ने वाले अभिषेक मनु सिंघवी, हरिहरन, रेबेका, विक्रम चौधरी, दयान कृष्णन, रमेश गुप्ता, शादान, मोहित माथुर, विवेक जैन, रजत, मोहम्मद इरशाद, करन, मुदित जैन का भी धन्यवाद. साथ ही उन्होंने देश भर के उन सारे लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने पिछले 4 साल से “आप” के ऊपर हो रहे अत्याचार के बीच इतने कठिन समय में पार्टी का साथ दिया.

👉रोड शो कर पार्टी मुख्यालय पहुंचे केजरीवाल

कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय पर शाम 4 बजे प्रेसवार्ता की. वह पार्टी मुख्यालय पर पहुंचते, उससे ही उनके आवास पर भारी तादात में नेताओं और कार्यकर्ताओं भी भीड़ जमा हो गई. सभी में खुशी का माहौल था और एक-दूसरे को गले लगाकर सबने इस जीत की बधाई दी. इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने वहां से रोड शो के जरिए पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता करने पहुंचे. उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.

उधर, आम आदमी पार्टी ने कहा कि तथाकथित दिल्ली आबकारी घोटाला मामले को खारिज करने वाली सीबीआई की विशेष अदालत का ऐतिहासिक फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है. यह आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से भाजपा से साठगांठ करने वाली कांग्रेस पार्टी और मीडिया के एक वर्ग के लिए भी तमाचा है. इस मीडिया ने लगभग चार साल तक खुलेआम झूठी खबरें चलाईं.

👉अदालत का 598 पन्नों का फैसला

इस मामले को मुकदमे के लायक भी नहीं मानता है. यह आम आदमी पार्टी के उस लगातार स्टैंड को सही साबित करता है कि यह मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी. यह अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों की ईमानदार छवि को खराब करने की एक हताश कोशिश थी. उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पार्टी को तोड़ने की साजिश रची गई थी.

इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है. वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे जिन्हें मोदी और उनके साथी चुनावों या जनता की अदालत में नहीं हरा सकते थे.

कोर्ट के फैसले ने पहले से ही दागदार केंद्रीय एजेंसियों की साख को और भारी ठेस पहुंचाई है. ये एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा करने के लिए अपनी पेशेवर ईमानदारी से पूरी तरह समझौता कर चुकी हैं. वे बेशरमी से एक राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रही हैं. आबकारी मामले में सीबीआई पर की गई टिप्पणियों से साफ है कि देश की इस प्रमुख जांच एजेंसी को इतना बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

अदालत के फैसले से मोदी जी की भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस भी पूरी तरह बेनकाब हो गई है. यह कांग्रेस ही थी जिसने काल्पनिक आरोपों के साथ इस मनगढ़ंत मामले की शुरुआत की थी. आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की गुप्त सहमति के तहत इसे भाजपा को सौंप दिया गया था.

फैसले को पढ़ने से यह साफ हो जाता है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के गुर्गे बेहद अक्षम साबित हुए. उन्हें बड़े पैमाने पर झूठ गढ़कर अरविंद केजरीवाल सरकार को अस्थिर करने का काम सौंपा गया था. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना और उनके करीबी पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार को आज भी अपने दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए कोई शर्म नहीं होगी. लेकिन उनके आकाओं को यह समझना चाहिए कि यह टीम बेहद औसत दर्जे की थी. उनके द्वारा सीबीआई को परोसा गया झूठ अदालत में आरोप पत्र के संज्ञान की सीमा भी पार नहीं कर सका.

अदालत ने अपने फैसले में जोर देकर स्पष्ट किया है कि कोई भी आपसी लेन-देन नहीं हुआ था. किसी भी संस्था या व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ किसी भी गलत काम से जोड़ने का कोई सबूत नहीं था.

अदालत का फैसला उस मीडिया को भी आईना दिखाता है जिसने बिना किसी जांच-पड़ताल के सालों तक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दिए गए झूठ को चलाया. मीडिया ने रिश्वत की रकम, नीतिगत बदलावों और कुछ समूहों को फायदा पहुंचाने के बारे में काल्पनिक सुर्खियां बटोरीं. आज ये सब औंधे मुंह गिर गए हैं.