दिल्ली । 3 मई को आयोजित हुई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक होने और भारी विवाद के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आगामी 21 जून को नीट री-एग्जाम कराने जा रही है। इस बार परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।
✈️ पहली बार एयरफोर्स पहुंचाएगी पेपर

गुरुवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है कि परीक्षा केंद्रों तक नीट री-एग्जाम के पेपर सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी इंडियन एयरफोर्स (IAF) को सौंपी जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद इस बात की पुष्टि की है।
👁️ पीएमओ की सीधी निगरानी, PM मोदी संभाल रहे कमान
पिछली परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और देशभर में छात्रों व अभिभावकों के भारी आक्रोश से सबक लेते हुए इस बार केंद्र सरकार बेहद सतर्क है। 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर रख रहे हैं। पेपर की सेटिंग, प्रिंटिंग से लेकर उसके ट्रांसपोर्टेशन (एक जगह से दूसरी जगह ले जाने) तक की हर प्रक्रिया की रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी जा रही है।
👉 क्या था पूरा विवाद?
- शुरुआत: 3 मई 2026 को हुई परीक्षा के बाद राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पेपर लीक की खबरें आईं।
- वायरल पेपर: सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर परीक्षा से पहले एक ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ था, जिसके सवाल मुख्य परीक्षा से हूबहू मैच कर रहे थे।
- कार्रवाई: चौतरफा दबाव और धांधली के पुख्ता सबूत मिलने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है, और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया जा चुका है।
