कोरबा । जिला अधिवक्ता संघ कोरबा के चुनाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आ गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद (State Bar Council of Chhattisgarh) ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव प्रक्रिया में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है और तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
23 मार्च 2026 को जारी पत्र में परिषद ने स्पष्ट किया है कि मान्यता नियम 2009 के तहत चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन कोरबा में कई अहम प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
👉क्या हैं बड़े आरोप?

चुनाव से पहले अपील समिति का गठन नहीं किया गया।सदस्यता शुल्क जमा न करने वाले अधिवक्ताओं को उचित अवसर नहीं दिया गया।इस कारण कई नाम मतदाता सूची से बाहर रह गए।संभावित विवादों के समाधान की प्रक्रिया भी अधूरी बताई गई।
👉40 दिन पहले बननी थी अपील समिति
परिषद ने अपने पत्र में साफ कहा कि नियम 24(2) के अनुसार चुनाव से 40 दिन पहले अपील समिति बनाना जरूरी है, ताकि किसी भी विवाद का समय रहते निपटारा हो सके।
👉अब क्या होगा?
- स्टेट बार काउंसिल ने निर्देश दिया है कि तुरंत अपील समिति का गठन किया जाए
- छूटे हुए अधिवक्ताओं को सदस्यता शुल्क जमा करने का अवसर दिया जाए
- सभी प्रावधानों का पालन करते हुए चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
👉महिला आरक्षण का भी जिक्र
पत्र में यह भी कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 30% महिला आरक्षण का पालन सुनिश्चित किया जाए।
👉बढ़ सकता है विवाद
इस पत्र के बाद कोरबा बार चुनाव पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो चुनाव प्रक्रिया पर रोक या कानूनी विवाद की स्थिति भी बन सकती है।
