CG : आबकारी विभाग के 300 करोड़ के टेंडर को लेकर मची सियासत , विपक्ष ने मैनपावर, सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक ही मालिक से जुड़ी दो कंपनियों को ठेका दिए जाने पर उठाए सवाल

0 डिप्टी सीएम श्री साव ने कहा -बेबुनियाद , अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था फैलाने वाली कांग्रेस को अब हर जगह वही नजर आता है

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के करीब 300 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर सियासत तेज हो गई है। मैनपावर और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक ही एजेंसी या एक ही मालिक से जुड़ी दो कंपनियों को ठेका दिए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिस पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा छत्तीसगढ़ को एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग में मैनपावर सप्लाई का ठेका सभी नियमों को दरकिनार कर भाजपा के एक राष्ट्रीय सचिव से जुड़ी कंपनी को दे दिया गया।

बैज ने बताया कि इस टेंडर प्रक्रिया में 148 कंपनियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन अंतिम रूप से चयनित दो कंपनियां-SIS Cash Services Limited और Duster Total Solutions Services Private Limited-एक ही मालिक से संबंधित बताई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े टेंडर में इस तरह का चयन कई सवाल खड़े करता है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं इन आरोपों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई है।

साव ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने संबंधित कंपनियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था फैलाने वाली कांग्रेस को अब हर जगह वही नजर आता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है और सभी टेंडर प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत संचालित की जा रही है।