होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज ,बोला ईरान – होर्मुज स्ट्रेट हमारे कंट्रोल में ,यहाँ से गुजरना है तो टोल दो , ट्रम्प ने इस रास्ते से माइंस हटाने का किया था दावा …

एजेंसी तेहरान। अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप संसद अध्यक्ष हाजी बाबाई ने कहा है कि यह स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है। उन्होंने इसे तेहरान की रेड लाइन बताया और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी करेंसी रियाल में टोल देना होगा।

इससे पहले कल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया था कि अमेरिका इस रास्ते में बिछी बारूदी माइंस हटा रहा है। उन्होंने कहा था कि यह समुद्री रास्ता जल्द ही खुल जाएगा। अमेरिकी सेना ने भी दावा किया था कि उनके जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं।

हालांकि कुछ देर बाद ही ईरान ने अमेरिका के इन दावों को गलत बताया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई सैन्य जहाज यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईरान और अमेरिका के बीच कल पाकिस्तान में 21 घंटे चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंसा है।

👉ईरान युद्ध में 3,375 लोगों की मौत, सरकारी संस्था का दावा

ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ हुए युद्ध में अब तक 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी ईरान की फोरेंसिक मेडिसिन संस्था के प्रमुख अब्बास मस्जेदी अरानी ने दी है।

उन्होंने बताया कि मरने वालों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा उन शवों की पहचान के बाद सामने आया है, जिनकी जांच फोरेंसिक टीमों ने की। कई मामलों में शवों की पहचान करना मुश्किल था, क्योंकि हमले काफी बड़े पैमाने पर हुए थे।

👉ब्रिटेन-ओमान की अपील- अमेरिका-ईरान हालात बिगड़ने से रोकें

अमेरिका और ईरान के बीच नाकाम शांतिवार्ता पर ब्रिटेन और ओमान के नेताओं ने चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने कहा है कि हालात को और बिगड़ने से रोकना बहुत जरूरी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने आपस में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान में हुई हाल की वार्ता पर चर्चा की और दोनों पक्षों से समाधान निकालने की अपील की।

ब्रिटेन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नेताओं ने माना कि संघर्ष विराम जारी रहना बेहद जरूरी है। साथ ही सभी पक्षों को किसी भी तरह की नई टकराव वाली स्थिति से बचने की सलाह दी गई।